शनिवार, 12 मार्च 2011

आखिर जेपीसी पर टूटा गतिरोध

2जी स्पेक्ट्रम: होगा जेपीसी का ऐलान
ओ.पी. पाल

आखिर बजट सत्र शुरू होने से पहले ही बहुचर्चित 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले की जांच के लिए जेपीसी के गठन को लेकर सत्ता और विपक्ष के बीच जारी गतिरोध खत्म हो ही गया, जिसमें बीच का रास्ता निकालते हुए जेपीसी के गठन के लिए सरकार 22 फरवरी को ही एक प्रस्ताव के जरिए जेपीसी का ऐलान होने के संकेत हैं। इस गतिरोध के टूटने से बजट सत्र के सुचारू रूपसे चलने की उम्मीदें बढ़ी हैं।
सोमवार से शुरू होने जा रहे संसद के बजट सत्र से एक दिन पूर्व रविवार को लोकसभा अध्यक्ष श्रीमती मीरा कुमार ने सर्वदलीय बैठक बुलाकर सभी दलों से बजट सत्र को सुचारू रूप से चलाने की अपील की। सूत्रों के अनुसार इस बैठक में प्रधानमंत्री डा. मनमोहन सिंह ने भी हिस्सा लिया और विपक्ष को 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले पर जेपीसी के लिए चर्चा कराने का आश्वासन दिया, जिसमें एक प्रस्ताव के तहत जेपीसी के मुद्दे पर चर्चा को सरकार तैयार हो गई तो विपक्ष ने भी सरकार के इस विकल्प को स्वीकार कर लिया है। मीरा कुमार द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले की जांच के लिए संयुक्त संसदीय समिति के गठन के तौर तरीकों पर चर्चा की गई। वहीं बैठक में लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने विपक्ष को इस बात का भी अहसास कराया कि संसद में सामान्य स्थिति बहाल होना कितना महत्वपूर्ण है। चूंकि सरकार 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले की जेपीसी जांच के लिए तैयार है, लिहाजा अब इस बात को तय करना है कि जेपीसी की घोषणा कब होगी और जेपीसी का प्रारूप क्या होगा। सूत्रों के अनुसार ऐसी भी संभावनाएं हैं कि सरकार 22 फरवरी को बजट सत्र की कार्यवाही शुरू होने के बाद बिना किसी प्रस्ताव के भी 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले की जांच के लिए जेपीसी के गठन का ऐलान कर सकती है। हालांकि इससे पूर्व भी सरकार संकेत दे चुकी है कि वह 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले की जांच का दायरा बढ़ाते हुए इसकी जांच के लिए जेपीसी पर कोई निर्णय ले लेगी। बैठक के बाद प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, मीरा कुमार और भाजपा सहित अन्य विपक्षी दलो के वरिष्ठ नेताओं ने जेपीसी पर बना गतिरोध टूटने का संकेत देते हुए पूरी उम्मीद जताई कि सोमवार से शुरू हो रहा संसद का बजट सत्र सुगम तरीके से चलेगा। 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाले की जेपीसी से जांच कराने संबंधी प्रस्ताव 22 तारीख को लोकसभा में पेश किया जा सकता है। यह आश्वासन लोकसभा में सदन के नेता और वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने बैठक में विपक्ष के नेताओं को दिया है। यहां यह बात भी गौर करने की है कि सरकार केवल 2जी स्पेक्ट्रम की जांच ही जेपीसी से कराने को राजी हुई है और इसके दायरे में राष्ट्रमंडल खेलों और आदर्श सोसायटी अनियमितताओं को शामिल करने से इंकार कर दिया है। फिलहाल सरकार की जिद टूटने में विपक्ष इसके लिए राजी है और कहीं तक भी इस दायरे में राष्ट्रमंडल खेलों और आदर्श सोसायटी मामलों को शामिल किए जाने पर जोर नहीं डाला। विपक्ष इन मुद्दों पर अलग से चर्चा के लिए तैयार हो गया है। बैठक के बाद प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भी उम्मीद जताई है कि संसद का बजट सत्र शातिपूर्ण, उपयोगी और उत्पादक होगा। उन्होंने कहा कि सरकार विपक्ष से हर मुद्दे पर चर्चा करने को तैयार है। उन्होंने कहा कि बजट सत्र में बहुत महत्वपूर्ण और बहुत सारे काम काज निपटाने हैं। गौरतलब है कि संसद का पूरा शीतकालीन सत्र 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन में हुई अनियमितता की जांच के लिए संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) गठित करने की विपक्ष की मांग की भेट चढ़ गया था, लेकिन बजट सत्र को व्यवधान से बचाने के लिए जारी गतिरोध को खत्म करने के लिए सत्ता और विपक्ष दोनों ही एक-एक कदम आगे बढ। लेकिन सरकार को घेरने के लिए विपक्ष के पास अन्य बहुत से मुद्दे अभी भी तरकश में है।

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