रेलकर्मियों के हित में रेल यात्री किराया बढ़ाने का सुझाव
ओ.पी. पाल
रेलवे इतिहास मे पहली बार कर्मचारियों की रिक्तियां भरने जा रहा है? लेकिन नेशनल फेडरेशन आफ इंन्डियन रेलवेमेन चाहता है कि रेलवे के 14 लाख कर्मचारियों की कार्यक्षमता को बढ़ाने के लिए रेल बजट में यात्री किराया बढ़ाया जाए और बजट में ठेकेदारी प्रथा को समाप्त करके विभागीय प्रणाली को बढ़ावा दिया जाए।संसद के आगामी बजट सत्र में प्री-रेल बजट की बैठक में एनएफआईआर ने भी रेलमंत्री कुमारी ममता बनर्जी को रेल कर्मचारियों और रेल यात्रियों की सुरक्षा और संरक्षा के साथ कर्मचारियों की कार्यक्षमता को बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिये हैं।
एनएफआईआर के राष्ट्री
य महासचिव एम. रघवैया का मानना है कि उन्हें रेल बजट में अपेक्षा है कि रेल मंत्री उनके सुझाव पर अमल करेंगी, जिसमें सेफ्टी रिलेटिव रिटायरमेंट सिस्टम को भी लागू करने पर बल दिया गया है। एनएफआईआर ने रेलवे की इस कार्यप्रणाली को ऐतिहासिक कदम करार दिया है कि रेलवे आगामी 30 अप्रैल से पहले ही 1.70 लाख कर्मचारियों की रिक्तियों को भरने की प्रक्रिया पूरी कर लेगा। यह पहला मौका होगा जब रेलवे सभी रिक्तियों को भरने जा रहा है, लेकिन हर साल सेवानिवृत्त कर्मचारियों के चलते रिक्तियां बनी रहेंगी। राघवैया ने बताया कि राष्ट्रीय रेलवे संरक्षा को देखते हुए रेल यात्री किराए में कम से कम चालीस प्रतिशत बढ़ोतरी होगी तो कर्मचारियों की कार्यक्षमता को बढ़ाने में बेहत मदद मिल सकेगी। एनएफआईआर ने रेलमंत्री के रेलवे की प्रतिष्ठा को बचाये रखने के लिए उनके समक्ष रेलवे में जारी ठेकेदारी प्रथा को समाप्त करके विभागीय प्रणाली को लागू करने का सुझाव रखा है जिसमें रेलवे के मुनाफे में भी बढ़ोतरी होगी। देशभर में 17 हजार में से नौ हजार यात्री रेलगाड़ियों में औसतन प्रतिदिन 1.90 करोड़ यात्री सफर करते हैं, लेकिन योजना आयोग के आकलन के अनुसार वर्ष 2013 तक पांच करोड़ यात्री प्रतिदिन होने की संभावना है, जिसे देखते हुए 17 हजार रेलगाड़ियों की संख्या को बढ़ाकर 25 हजार करने की आवश्यकता होगी। उन्होंने कहा कि पिछले एक साल में 20 से 25 लाख यात्री बढ़े हैं। एनएफआईआर ने एक सर्वेक्षण के तहत जानकारी दी कि प्रतिवर्ष नौ हजार रेल कर्मचारियों की होने वाली मौतों में गैंगमैनों की संख्या सर्वाधिक है। आगामी रेल बजट की संभावनाओं पर एनएफआईआर का मानना है कि पिछले बजट की घोषणाओं के मुताबिक 80 फीसदी ट्रेने तो चलाई जा चुक है लेकिन रेलकर्मचारियो के आवास की सुविधा प्रगति अभी तक शून्य है। उन्होंने बताया कि आने वाले रेल बजट में कोच, वैगन, पहिया फैक्ट्रियों के अलावा कम से कम 150 नई ट्रेने चलाये जाने की घोषणा के साथ कर्मचारियों के कल्याण की भी घोषणा की जाएगी। उन्होंने रेल कर्मचारियों के पदोन्नति के मामले पर भी रेल मंत्री को कार्यवाही करने का सुझाव दिया है। वहीं एक सड़क के जरिए मेडिकल मोबाइल की व्यवस्था को भी अनिवार्य करने को कहा गया है, तो वहीं रेल संरक्षा तथा सुरक्षा को मजबूत करने पर बल दिया है।
ओ.पी. पाल
रेलवे इतिहास मे पहली बार कर्मचारियों की रिक्तियां भरने जा रहा है? लेकिन नेशनल फेडरेशन आफ इंन्डियन रेलवेमेन चाहता है कि रेलवे के 14 लाख कर्मचारियों की कार्यक्षमता को बढ़ाने के लिए रेल बजट में यात्री किराया बढ़ाया जाए और बजट में ठेकेदारी प्रथा को समाप्त करके विभागीय प्रणाली को बढ़ावा दिया जाए।संसद के आगामी बजट सत्र में प्री-रेल बजट की बैठक में एनएफआईआर ने भी रेलमंत्री कुमारी ममता बनर्जी को रेल कर्मचारियों और रेल यात्रियों की सुरक्षा और संरक्षा के साथ कर्मचारियों की कार्यक्षमता को बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिये हैं।
एनएफआईआर के राष्ट्री
य महासचिव एम. रघवैया का मानना है कि उन्हें रेल बजट में अपेक्षा है कि रेल मंत्री उनके सुझाव पर अमल करेंगी, जिसमें सेफ्टी रिलेटिव रिटायरमेंट सिस्टम को भी लागू करने पर बल दिया गया है। एनएफआईआर ने रेलवे की इस कार्यप्रणाली को ऐतिहासिक कदम करार दिया है कि रेलवे आगामी 30 अप्रैल से पहले ही 1.70 लाख कर्मचारियों की रिक्तियों को भरने की प्रक्रिया पूरी कर लेगा। यह पहला मौका होगा जब रेलवे सभी रिक्तियों को भरने जा रहा है, लेकिन हर साल सेवानिवृत्त कर्मचारियों के चलते रिक्तियां बनी रहेंगी। राघवैया ने बताया कि राष्ट्रीय रेलवे संरक्षा को देखते हुए रेल यात्री किराए में कम से कम चालीस प्रतिशत बढ़ोतरी होगी तो कर्मचारियों की कार्यक्षमता को बढ़ाने में बेहत मदद मिल सकेगी। एनएफआईआर ने रेलमंत्री के रेलवे की प्रतिष्ठा को बचाये रखने के लिए उनके समक्ष रेलवे में जारी ठेकेदारी प्रथा को समाप्त करके विभागीय प्रणाली को लागू करने का सुझाव रखा है जिसमें रेलवे के मुनाफे में भी बढ़ोतरी होगी। देशभर में 17 हजार में से नौ हजार यात्री रेलगाड़ियों में औसतन प्रतिदिन 1.90 करोड़ यात्री सफर करते हैं, लेकिन योजना आयोग के आकलन के अनुसार वर्ष 2013 तक पांच करोड़ यात्री प्रतिदिन होने की संभावना है, जिसे देखते हुए 17 हजार रेलगाड़ियों की संख्या को बढ़ाकर 25 हजार करने की आवश्यकता होगी। उन्होंने कहा कि पिछले एक साल में 20 से 25 लाख यात्री बढ़े हैं। एनएफआईआर ने एक सर्वेक्षण के तहत जानकारी दी कि प्रतिवर्ष नौ हजार रेल कर्मचारियों की होने वाली मौतों में गैंगमैनों की संख्या सर्वाधिक है। आगामी रेल बजट की संभावनाओं पर एनएफआईआर का मानना है कि पिछले बजट की घोषणाओं के मुताबिक 80 फीसदी ट्रेने तो चलाई जा चुक है लेकिन रेलकर्मचारियो के आवास की सुविधा प्रगति अभी तक शून्य है। उन्होंने बताया कि आने वाले रेल बजट में कोच, वैगन, पहिया फैक्ट्रियों के अलावा कम से कम 150 नई ट्रेने चलाये जाने की घोषणा के साथ कर्मचारियों के कल्याण की भी घोषणा की जाएगी। उन्होंने रेल कर्मचारियों के पदोन्नति के मामले पर भी रेल मंत्री को कार्यवाही करने का सुझाव दिया है। वहीं एक सड़क के जरिए मेडिकल मोबाइल की व्यवस्था को भी अनिवार्य करने को कहा गया है, तो वहीं रेल संरक्षा तथा सुरक्षा को मजबूत करने पर बल दिया है।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें