ओ. पी. पाल
दांतों को स्वस्थ रखने के बारे में लोगों को जागरूक बनाने के उद्देश्य से विश्वभर में 6 मार्च का दिन डेंटिस्ट दिवस के रूप में मनाया जाता है। कड़वी वास्तविकता यह है कि विश्व की कुल 97 प्रतिशत आबादी दांतों के किसी न किसी रोग से पीड़ित हंै और भारत भी उनमें से एक है। भारतीय दंत चिकित्सक दांतों की बढती समस्याओं को लेकर काफी चिंतित हैं और भारत में दांतों की देखभाल और साफ सफाई में सुधार लाने के लिए कई कदम भी उठा रहे हैं। डेंटिस्ट दिवस दंत चिकित्सकों को आम लोगों में दांतों की देखभाल के संबंध में जागरूकता फैलाने का अवसर प्रदान करता है।
दंत रोगों से बचाव पर बोलते हुए मैक्सहेल्थ केयर लि. के वरिष्ठ कंसल्टेंट डेंटल सर्जन, प्रोस्थोडॉन्टिस्ट तथा ओरल इमप्लां
टोलॉजिस्ट डॉक्टर अजय शर्मा ने कहा कि बच्चों और वयस्कों में दांतो के रोग काफी अधिक हो रहे हैं। खानपान में आ रहे बदलावों के कारण लोगों में दांतों की बीमारियां बढ रही हैं। फाइबर यानी रेशेदार खाद्यपदार्थों की जगह जंकफूड का बढता प्रचलन भी दांतो के लिए अच्छा नहीं है। शीतल पेय, पेस्ट्री, पीजा, बर्गर आदि भी दांतों और मसूड़ों को प्रभावित करते हैं। डॉक्टर शर्मा ने कहा कि उपचार के दौरान देखने में आया है कि खानपान की आदतों में बदलावतथा दांतों की ठीक प्रकार से देखभाल न करने के कारण दंत रोगों में 50 प्रतिशत की बढोत्तरी हुई है। दांतों की देखभाल हमारे संपूर्ण स्वास्थ्य और सेहतमंद रहने का ही एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। परेशानी की बात यह है कि दांतों और मसूड़ों की समस्याओं का एकदम पता नहीं लग पाता, इसलिए यह जरूरी है कि हम हर 6 महीने में दंत चिकित्सक के पास जाएं और दांतों की नियमित जांच करवाएं ताकि हमारे दांत स्वस्थ रह सकें। दांतों की समस्याओं के बारे में डॉक्टर शर्मा का कहना है कि दंत रोगों की सूची में जिन्जीवाइटिस रोग सबसे ऊपर है, यह दांतों का एक ऐसा रोग है जिसमें मसूड़ों के उत्तकों यानी टिश्यू में सूजन हो जाती है जिससे वे उत्तक नष्ट हो जाते हैं जो दांतों ,मसूड़ों, पेरिओडॉन्टल लिगमेंट्स और दांतों के सॉकेट को मजबूती से पकड़े रखते हैं। दांतों पर भोजन के कणों का जमा होना दंत रोगों का मुख्य कारण होता है। दांतों में फंसे खाने के कारण बैक्टीरिया और विषैले पदार्थ पैदा हो जाते हैं जिसकी वजह से मसूड़े संक्रमित, रोगीले और नरम पड़ जाते हैं। दंत विशेषज्ञ शर्मा ने सलाह दी है कि लोगों को कुछ भी खाने के बाद मुंह को साधारण पानी से साफ करना चाहिए यानी कि ताजे पानी से कुल्ला करना चाहिए। डेंटिस्ट दिवस के अवसर पर प्रण कीजिए कि आप अपने दांतों का ध्यान रखेंगे और अपने दांतों को स्वस्थ रखने के लिए नियमित रूप से अपने दांतों के डॉक्टर के पास अवश्य जाएंगे.
दांतों को स्वस्थ रखने के बारे में लोगों को जागरूक बनाने के उद्देश्य से विश्वभर में 6 मार्च का दिन डेंटिस्ट दिवस के रूप में मनाया जाता है। कड़वी वास्तविकता यह है कि विश्व की कुल 97 प्रतिशत आबादी दांतों के किसी न किसी रोग से पीड़ित हंै और भारत भी उनमें से एक है। भारतीय दंत चिकित्सक दांतों की बढती समस्याओं को लेकर काफी चिंतित हैं और भारत में दांतों की देखभाल और साफ सफाई में सुधार लाने के लिए कई कदम भी उठा रहे हैं। डेंटिस्ट दिवस दंत चिकित्सकों को आम लोगों में दांतों की देखभाल के संबंध में जागरूकता फैलाने का अवसर प्रदान करता है।
दंत रोगों से बचाव पर बोलते हुए मैक्सहेल्थ केयर लि. के वरिष्ठ कंसल्टेंट डेंटल सर्जन, प्रोस्थोडॉन्टिस्ट तथा ओरल इमप्लां
टोलॉजिस्ट डॉक्टर अजय शर्मा ने कहा कि बच्चों और वयस्कों में दांतो के रोग काफी अधिक हो रहे हैं। खानपान में आ रहे बदलावों के कारण लोगों में दांतों की बीमारियां बढ रही हैं। फाइबर यानी रेशेदार खाद्यपदार्थों की जगह जंकफूड का बढता प्रचलन भी दांतो के लिए अच्छा नहीं है। शीतल पेय, पेस्ट्री, पीजा, बर्गर आदि भी दांतों और मसूड़ों को प्रभावित करते हैं। डॉक्टर शर्मा ने कहा कि उपचार के दौरान देखने में आया है कि खानपान की आदतों में बदलावतथा दांतों की ठीक प्रकार से देखभाल न करने के कारण दंत रोगों में 50 प्रतिशत की बढोत्तरी हुई है। दांतों की देखभाल हमारे संपूर्ण स्वास्थ्य और सेहतमंद रहने का ही एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। परेशानी की बात यह है कि दांतों और मसूड़ों की समस्याओं का एकदम पता नहीं लग पाता, इसलिए यह जरूरी है कि हम हर 6 महीने में दंत चिकित्सक के पास जाएं और दांतों की नियमित जांच करवाएं ताकि हमारे दांत स्वस्थ रह सकें। दांतों की समस्याओं के बारे में डॉक्टर शर्मा का कहना है कि दंत रोगों की सूची में जिन्जीवाइटिस रोग सबसे ऊपर है, यह दांतों का एक ऐसा रोग है जिसमें मसूड़ों के उत्तकों यानी टिश्यू में सूजन हो जाती है जिससे वे उत्तक नष्ट हो जाते हैं जो दांतों ,मसूड़ों, पेरिओडॉन्टल लिगमेंट्स और दांतों के सॉकेट को मजबूती से पकड़े रखते हैं। दांतों पर भोजन के कणों का जमा होना दंत रोगों का मुख्य कारण होता है। दांतों में फंसे खाने के कारण बैक्टीरिया और विषैले पदार्थ पैदा हो जाते हैं जिसकी वजह से मसूड़े संक्रमित, रोगीले और नरम पड़ जाते हैं। दंत विशेषज्ञ शर्मा ने सलाह दी है कि लोगों को कुछ भी खाने के बाद मुंह को साधारण पानी से साफ करना चाहिए यानी कि ताजे पानी से कुल्ला करना चाहिए। डेंटिस्ट दिवस के अवसर पर प्रण कीजिए कि आप अपने दांतों का ध्यान रखेंगे और अपने दांतों को स्वस्थ रखने के लिए नियमित रूप से अपने दांतों के डॉक्टर के पास अवश्य जाएंगे.
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