संसद सत्र को लेकर शीर्ष कांग्रेस नेताओं ने की चर्चा
ओ.पी. पाल
2जी स्पेक्ट्रम घोटाले पर जेपीसी की मांग पर अड़िग विपक्ष की मांग को देखते हुए असमंजस में फंसी सरकार किसी प्रकार इस मुद्दे पर बने गतिरोध को संसद के बजट सत्र से पहले ही दूर करना चाहती है। उसी कवायद में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी सहित पार्टी के शीर्ष नेताओं के बीच इस बात को लेकर चर्चा हुई कि बजट सत्र में सरकार की ओर से कौन सी नीति अपनाई जाए। इससे पहले सरकार का मकसद है कि जेपीसी के मुद्दे पर विपक्ष से साथ चल रहे गतिरोध को भी समाप्त करना है, ताकि बजट सत्र को बिना किसी व्यवधान के चलाया जा सके।
संसद का बजट सत्र 21 फरवरी को राष्ट्रपति श्रीमती प्रतिभा पाटिल के अभिभाषण से शुरू होने जा रहा है उससे पहले लोकसभा में सदन के नेता एवं वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी की बहुचर्चित 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले की जांच के लिए विपक्ष की जेपीसी की मांग के कारण बने गतिरोध को खत्म कर
ने के लिए सर्वदलीय बैठक भी बुलाई थी। इसका कारण यही है कि विपक्ष के जेपीसी की मांग पर अडिग रहने के कारण संसद का शीतकालीन सत्र हंगामे की भेंट चढ़ गया था। संसद के बजट सत्र को सुचारू रूप से चलाने के लिए सरकार हर हाल में सत्ता और विपक्ष के बीच बने गतिरोध को दूर करने के लिए फार्मूले तलाशने का भी काम कर रही है। इसके लिए जेपीसी के गठन का प्रस्ताव लाने के पक्ष में भी सरकार एक तरीका सामने लाई है जिसे विपक्ष भी मानकर चल रहा है, लेकिन विपक्ष सरकार से चाहता है कि 21 फरवरी को राष्ट्रपति के अभिभाषण के बाद अगले ही दिन यानि 22 फरवरी को जेपीसी के गठन पर सरकार अपनी ओर से संसद के दोनों सदनों में प्रस्ताव लेकर आये, तभी विपक्ष इस मुद्दे पर अपनी रणनीति तय करेगा। 2जी स्पेक्ट्रम पर जेपीसी की मांग संसद की कार्यवाही में बाधा न बने इसके लिए सरकार लगातार गतिरोध को खत्म करने का प्रयास जारी रखे हुए हैं। इसी के तहत संसद के बजट सत्र से पहले संसद के बजट सत्र में अपनायी जाने वाली रणनीति को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की बैठक में विस्तार से चर्चा हुई, जिसमें प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी समेत कांग्रेस के सभी वरिष्ठ नेता शामिल हुए। मसलन संसद के बजट सत्र से पहले प्रणव मुखर्जी एक बार और सर्वदलीय नेताओं की बैठक बुलाना चाहते हैं, लेकिन इससे पहले मंगलवार की शाम को कांग्रेस कोर समिति की बैठक होगी, जिसमें संसद के बजट सत्र में शामिल एजेंडे पर कांग्रेस नेताओं के साथ विचार विमर्श और चर्चा होगी। कांग्रेस नेताओं की आज सोमवार और फिर कल मंगलवार को होने वाली बैठक को इस लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है कि सरकार को यह भी तय करना है कि बजट सत्र में कौन कौन से विधेयक पेश किये जाने ह और वहीं 2011-12 के आम बजट को आखिरी रूप दिया जाना है। लेकिन इन सबसे पहले 2जी स्पेक्ट्रम पर जेपीसी की मांग करने वाले विपक्ष के साथ जारी गतिरोध को खत्म करना पहला मकसद होगा। गौरतलब है कि 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले की जेपीसी जांच की मांग को लेकर अड़ी मुख्य विपक्षी दल भाजपा के नेतृत्व में राजग और कुछ अन्य गैर भाजपाई विपक्षी दलों ने संसद के शीतकालीन सत्र की कायर्वाही नहीं चलने दी थी। मुखर्जी ने बजट सत्र की कायर्वाही में इसकी पुनरावृत्ति की आशंका के चलते ही सर्वदलीय बैठक बुलाकर कोई रास्ता निकालने की कोशिश में मुखर्जी ने विपक्ष के नेताओं को आश्वासन दे चुके हेँ कि वह प्रधानमंत्री से बातचीत के बाद फिर से विपक्षी नेताओं से चर्चा करेंगे।
ओ.पी. पाल
2जी स्पेक्ट्रम घोटाले पर जेपीसी की मांग पर अड़िग विपक्ष की मांग को देखते हुए असमंजस में फंसी सरकार किसी प्रकार इस मुद्दे पर बने गतिरोध को संसद के बजट सत्र से पहले ही दूर करना चाहती है। उसी कवायद में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी सहित पार्टी के शीर्ष नेताओं के बीच इस बात को लेकर चर्चा हुई कि बजट सत्र में सरकार की ओर से कौन सी नीति अपनाई जाए। इससे पहले सरकार का मकसद है कि जेपीसी के मुद्दे पर विपक्ष से साथ चल रहे गतिरोध को भी समाप्त करना है, ताकि बजट सत्र को बिना किसी व्यवधान के चलाया जा सके।
संसद का बजट सत्र 21 फरवरी को राष्ट्रपति श्रीमती प्रतिभा पाटिल के अभिभाषण से शुरू होने जा रहा है उससे पहले लोकसभा में सदन के नेता एवं वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी की बहुचर्चित 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले की जांच के लिए विपक्ष की जेपीसी की मांग के कारण बने गतिरोध को खत्म कर
ने के लिए सर्वदलीय बैठक भी बुलाई थी। इसका कारण यही है कि विपक्ष के जेपीसी की मांग पर अडिग रहने के कारण संसद का शीतकालीन सत्र हंगामे की भेंट चढ़ गया था। संसद के बजट सत्र को सुचारू रूप से चलाने के लिए सरकार हर हाल में सत्ता और विपक्ष के बीच बने गतिरोध को दूर करने के लिए फार्मूले तलाशने का भी काम कर रही है। इसके लिए जेपीसी के गठन का प्रस्ताव लाने के पक्ष में भी सरकार एक तरीका सामने लाई है जिसे विपक्ष भी मानकर चल रहा है, लेकिन विपक्ष सरकार से चाहता है कि 21 फरवरी को राष्ट्रपति के अभिभाषण के बाद अगले ही दिन यानि 22 फरवरी को जेपीसी के गठन पर सरकार अपनी ओर से संसद के दोनों सदनों में प्रस्ताव लेकर आये, तभी विपक्ष इस मुद्दे पर अपनी रणनीति तय करेगा। 2जी स्पेक्ट्रम पर जेपीसी की मांग संसद की कार्यवाही में बाधा न बने इसके लिए सरकार लगातार गतिरोध को खत्म करने का प्रयास जारी रखे हुए हैं। इसी के तहत संसद के बजट सत्र से पहले संसद के बजट सत्र में अपनायी जाने वाली रणनीति को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की बैठक में विस्तार से चर्चा हुई, जिसमें प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी समेत कांग्रेस के सभी वरिष्ठ नेता शामिल हुए। मसलन संसद के बजट सत्र से पहले प्रणव मुखर्जी एक बार और सर्वदलीय नेताओं की बैठक बुलाना चाहते हैं, लेकिन इससे पहले मंगलवार की शाम को कांग्रेस कोर समिति की बैठक होगी, जिसमें संसद के बजट सत्र में शामिल एजेंडे पर कांग्रेस नेताओं के साथ विचार विमर्श और चर्चा होगी। कांग्रेस नेताओं की आज सोमवार और फिर कल मंगलवार को होने वाली बैठक को इस लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है कि सरकार को यह भी तय करना है कि बजट सत्र में कौन कौन से विधेयक पेश किये जाने ह और वहीं 2011-12 के आम बजट को आखिरी रूप दिया जाना है। लेकिन इन सबसे पहले 2जी स्पेक्ट्रम पर जेपीसी की मांग करने वाले विपक्ष के साथ जारी गतिरोध को खत्म करना पहला मकसद होगा। गौरतलब है कि 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले की जेपीसी जांच की मांग को लेकर अड़ी मुख्य विपक्षी दल भाजपा के नेतृत्व में राजग और कुछ अन्य गैर भाजपाई विपक्षी दलों ने संसद के शीतकालीन सत्र की कायर्वाही नहीं चलने दी थी। मुखर्जी ने बजट सत्र की कायर्वाही में इसकी पुनरावृत्ति की आशंका के चलते ही सर्वदलीय बैठक बुलाकर कोई रास्ता निकालने की कोशिश में मुखर्जी ने विपक्ष के नेताओं को आश्वासन दे चुके हेँ कि वह प्रधानमंत्री से बातचीत के बाद फिर से विपक्षी नेताओं से चर्चा करेंगे।
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