रविवार, 28 नवंबर 2010

कुश्ती के महानायक बने सुशील कुमार

ओ.पी. पाल
कुश्ती के महानायक बने सुशील कुमारओ.पी. पालभारतीय कुश्ती के महानायक बनते जा रहे विश्व चैँपियन और ओलंपिक पदकविजेता पहलवान सुशील कुमार ने 19वें राष्ट्रमंडल खेलों में दूसरा औरलगातारा चौथा खिताब अपने नाम करके यह साबित कर दिया है कि भारत ही कुश्तीका मक्का है और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारतीय कुश्ती का कोई सानी नहींहोगा।रेलवे के अधिकारी सुशील कुमार ने हाल ही में मास्को में हुई विश्वचैंपियनशिप में 66 किलोग्राम फ्रीस्टाइल वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर यहउपलब्धि हासिल करने वाले पहले भारतीय बने सुशील ने कहा था कि उसके लिए19वें राष्ट्रमंडल खेल अत्यंत महत्वपूर्ण हैं जिसमें उन्होंने यह भी दावाकिया था कि इन खेलों में भारतीय पहलवान कम से कम 14 स्वर्ण पदक भारत कीझोली में डालेंगे। इन खेलों में जिस प्रकार भारत के पहलवान सर्वश्रेष्ठप्रदर्शन कर रहे हैं उससे उनका दावा उससे भी कहीं बेहतर साबित हो रहा है।वह स्वयं ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए फ्रीस्टाइल कुश्ती स्पर्धा में 66किलोग्राम वर्ग के मैच में पहले सेमीफाइनल में गाम्बिया के फमारा जार्जोउको मात्र नौ सेकेंड में परास्त करने के बाद फाइनल में दक्षिण अफ्रीका केपहलवान को चीत करके स्वर्ण पदक हासिल किया। इस कुश्ती के गवाह यहां गवाहकांग्रेस युवराज राहुल गांधी भी बने, जिनमें पहलवान सुशील कुमार के प्रतिउनकी दीवानगी बढ़ती नजर आ रही है। राष्टÑमंडल खेलों के शुरू होने से पहलेही पहलवान सुशील कुमार ने भारतीय कुश्ती के लिहाज से महत्वपूर्ण बतायाथा। उनका कहना है कि इतिहास भी इस बात का गवाह है कि अधिकांश पहलवानों नेएशियाई व विश्व स्तरीय स्पधार्ओं में भारत को पदक दिलाये है। उनका कहनाहै कि चार साल पहले मेलबोर्न राष्ट्रमंडल खेलों से कुश्ती को हटा दियागया था, जिसके कारण वह पदक जीतने से वंचित रह गये थे, इसलिए भारत कीमेजबानी में हो रहे राष्ट्रमंडल खेलों का उसे और उसके साथी पहलवानों कोबेसब्री से इंतजार था। अब यह घड़ी आ गई तो इसमें वह किसी भी कीमत पर चूकनानहीं चाहते। इसी लक्ष्य का परिणाम भारतीय पहलवान देश के सामने भी दे रहेहैं। उनका कहना है कि भारतीय कुश्ती अंतर्राष्ट्रीय पर अपनी धाक बनानेमें सफल होगी। सुशील कुमार ने राष्ट्रमंडल खेलों में अन्य पुरुष एवंमहिला पहलवानों के शानदार प्रदर्शन को भी सराहा और कहा कि कुश्ती के बलपर भारत पदक तालिका में भी सम्मानजनक स्थिति में है। जहां तक कुश्ती केमहानायक सुशील कुमार की उपलब्धियों का सवाल है उसमें उनका कोई सानी नहींहै। सुशील ने वर्ष 2008 में पेईचिंग ओलिम्पिक में काँस्य पदक जीतकर सभीको हैरान कर दिया था। वह राष्ट्रमंडल कुश्ती चैम्यिनशिप में लगातार चारबार स्वर्ण पदक जीत चुके हैं। यही नहीं उन्होंने इस वर्ष मई में नईदिल्ली में हुई एशियाई चैम्पियनशिप में भी स्वर्ण पदक अपने नाम किया था।राष्ट्रमंडल खेलों के ब्रांड एम्बेसडर सुशील को कुश्ती में शानदारप्रदर्शन के लिए गत वर्ष देश के सर्वोच्च खेल पुरस्कार 'राजीव गाँधी खेलरत्न' से भी नवाजा जा चुका है। भारत को सुशील कुमार जैसे पहलवान पर नाजहै, जिसने भारत का सिर ऊंचा करने में अपने प्रदर्शन को शानदार बनाया है।

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