शुक्रवार, 23 दिसंबर 2011

अब जाट वोट बैंक पर कांग्रेस की नजर

ओ.पी. पाल
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के मद्देनजर अल्पसंख्यक मतदाताओं को साढ़े चार प्रतिशत आरक्षण लॉलीपॉप पकड़ाकर कांग्रेस ने अब जाट वोट बैंक पर निशाना साध लिया है। यूपीए के ताजा सहयोगी बने राष्ट्रीय लोकदल प्रमुख चौधरी अजित सिंह के जरिये यह मुद्दा गृह मंत्रालय तक पहुंचा भी दिया है।
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावी महासमर के लिए एक जुट हुए रालोद व कांग्रेस ने अब एक सुर में केंद्रीय सेवाओं में जाटों को भी पिछड़ा वर्ग के तहत आरक्षण दिए जाने की वकालत की है, रणनीति साफ है कि उत्तर प्रदेश में मुसलिम मतदाताओं में कांग्रेस के प्रति पुराना भरोसा वापस लौटाने की कोशिश के बाद कांग्रेस चौधरी अजित सिंह के माध्यम से आरक्षण के लिए संघर्ष कर रहे जाटों को भी हर हाल में अपने पक्ष में करने की कोशिश शुरू कर चुकी है। चौधरी अजित सिंह के साथ कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह की शुक्रवार को केंद्रीय गृहमंत्री पी चिदंबरम से मुलाकात इसी रणनीति का हिस्सा है। यूपीए में शामिल होने के बाद पूर्व प्रधानमंत्री स्व. चौधरी चरण सिंह की 119वीं जयंती पर केंद्रीय नागर विमानन मंत्री बने राष्ट्रीय लोकदल प्रमुख चौधरी अजित सिंह के आवास पर जुटे उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा और राजस्थान के जाट नेताओं ने जाट आरक्षण को लेकर रालोद प्रमुख पर दबाव बनाया तो खासकर उत्तर प्रदेश में होने वाले आगामी विधानसभाओं के मद्देनजर रालोद के सामने जाट आरक्षण का मुद्दा सामने आया। इस मौके पर आनन-फानन में चौधरी अजित सिंह ने जाट आरक्षण के लिए संघर्ष कर रहे संगठनों के नेताओं को भी बुलाकर एक बैठक की और विचार विमर्श के बाद तत्काल जाट आरक्षण के मुद्दे पर केंद्रीय गृहमंत्री पी. चिदंबरम से डेढ़ बजे मुलाकात का समय लिया गया। इस मुद्दे पर जाट नेताओं के बढ़ते दबाव में चौधरी अजित सिंह ने कांग्रेस महासचिव एवं उत्तर प्रदेश में कांग्रेस प्रभारी दिग्विजय सिंह को भी विश्वास में लेकर इस मुद्दे को साझा करने पर बल दिया। यही कारण था कि नॉर्थ ब्लाक स्थित गृहमंत्रालय में पी. चिदंबरम के साथ हुई मुलाकात के दौरान चौधरी अजित सिंह और रालोद महासचिव जयंत चौधरी के अलावा स्वयं कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह भी बैठक में शामिल हुए। यही नहीं पी. चिदंबरम के साथ बैठक होने के बाद कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह भी सीधे चौधरी अजित सिंह के 12 तुगलक रोड स्थित आवास पर पहुंचे, जहां इस मुद्दे पर सरकार के जवाब का इंतजार कर रहे जाट नेताओं और उनके सैकड़ो समर्थकों को भरोसा दिलाया कि जाट आरक्षण को लेकर सरकार गंभीर है और कांग्रेस तथा रालोद जाट आरक्षण को लेकर चली आ रही मांग को पूरा कराने
और जाटों को केंद्रीय सूची में शामिल करने के लिए संकल्प किया है। आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए जाट आरक्षण के मुद्दे पर रालोद-कांग्रेस का सुर में सुर मिलाने की रणनीति को उत्तर प्रदेश की बसपा सरकार द्वारा चुनावी पटरी पर जाटों की राजनीति का जवाब माना जा रहा है। वहीं रालोद के साथ गठबंधन करके कांग्रेस ने भी खासकर उत्तर प्रदेश में चौधरी अजित सिंह के सहारे ही जाटों पर भरोसा जताया है यानि जाटों के वोट कांग्रेस के खाते में भी आने की कांगे्रस को पूरी उम्मीद है।
संघर्ष समिति को झटका
जाट आरक्षण की मांग को लेकर रालोद के अलावा संघर्ष कर रहे संगठनों को भी कांग्रेस व रालोद ने झटका दिया है जो उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी के कंधे पर बंदूक रखकर जाट आरक्षण की राजनीति करने का प्रयास कर रहे हैं। रालोद प्रमुख चौधरी अजित सिंह ने जाट आरक्षण के मुद्दे पर कांग्रेसनीत यूपीए सरकार पर दबाव बनाने के लिए अपने आवास पर आयोजित बैठक में पार्टी के नेताओं के अलावा संयुक्त जाट आरक्षण संघर्ष समिति के अध्यक्ष एचपी सिंह परिहार, अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के कार्यवाहक अध्यक्ष भगत सिंह दलाल, हरियाणा प्रदेशाध्यक्ष हवा सिंह सांगवान, दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष रणसिंह शौकीन, रालोद महासचिव पुष्पेन्द्र सिंह चौधरी, मेरठ के अमन सिंह व डीएस
वर्मा आदि नेताओं को भी बुलाकर विचार विमर्श किया। चौधरी अजित सिंह ने कांग्रेस के साथ मिलकर जाट आरक्षण पर अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के अध्यक्ष यशपाल मलिक को इस मुद्दे पर झटका दिया है, जो उत्तर प्रदेश के चुनाव के मद्देनजर समाजवादी पार्टी प्रमुख मुलायम सिंह यादव के कंधे पर बंदूक चलाकर राजनीति करने के प्रयास में जुटे हुए हैं।

1 टिप्पणी:

VIJAY SINGH TOMAR ने कहा…

When cabinet can give Muslim reservation under OBC than how can govt. can wait for Backward commission report for including jats under central OBC list. The allegation which made through your article is totally baseless and with our any facts that Yashpal Malik President of ABJASS have any association with any party. People who already joined hand with govt without Jat OBC reservation should be questioned.
Jats who actually met to minister were only RLD worker and were also part of ABJASS and they are actually working under the guidance of some jats political leader who really doing mere politics on this important issue.
We condemn your article on this and its totally far from facts. We would clarify here that Jat community will vote in 5 states only when cong party will provide OBC reservation at center before states election.
Thanks