गुरुवार, 9 सितंबर 2010

आखिर बिहार में बजी चुनावी रणभेरी!

21अक्टूबर से छह चरणों में होंगे विधानसभा चुनाव

ओ.पी. पाल

केन्द्रीय चुनाव आयोग ने सोमवार को दिल्ली में बिहार के आगामी विधानसभा चुनावों के कार्यक्रम की घोषणा कर दी। बिहार में विधानसभा चुनाव 6 चरणों में संपन्न कराए जाएंगे। वहीं बांका लोकसभा सीट पर उप चुनाव एक नवंबर यानि चौथे चरण के विधानसभा चुनाव के साथ ही कराने का निर्णय लिया गया है। मतगणना 24 नवंबर को होगी। आयोग ने आगामी त्यौहारों को भी चुनाव प्रक्रिया में ध्यान में रखा है ताकि चुनाव की तारीखें त्यौहार के दिनों को प्रभावित न कर सके।केंद्रीय चुनाव आयोग ने बिहार विधान सभा के लिए कार्यक्रम की घोषणा कर दी है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त डा. एसवाई कुरैशी ने सोमवार को एक संवाददाता सम्मेलन में यह घोषणा करते हुए कहा कि राज्य में छह चरणों में लगभग एक महीने तक चलने वाला विधान सभा चुनाव 21 अक्टूबर के प्रथम चरण से शुरू होगा और अंतिम चरण अर्थात अंतिम मतदान छठे चरण के लिए 20 नवम्बर को वोट डाले जाएंगे। मतगणना 24 नवम्बर को होगी। कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही बिहार में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। सांसद दिग्विजय सिंह की मौत के बाद खाली हुई बांका लोकसभा सीट के लिए भी चौथे चरण के विधानसभा चुनाव के साथ ही एक नवंबर को उप-चुनाव कराया जाएगा। मुख्य चुनाव आयुक्त एसवाई कुरैशी ने बताया कि 243 सदस्यीय बिहार विधान सभा में स्वच्छ और निष्पक्ष चुनाव के लिए आयोग ने राज्य में छह चरणों में मतदान कराने का निर्णय लिया है। इसके तहत प्रथम चरण में 21 अक्टूबर को 47 सीटों के लिए, दूसरे चरण की 45 सीटों के लिए 24 अक्टूबर को, तीसरे चरण में 48 सीटों के लिए 28 अक्टूबर को, चौथे चरण में एक नवम्बर को 42 सीटों के लिए, पांचवें चरण में नौ नवम्बर को 35 सीटों के लिए तथा अंतिम चरण में 20 नवम्बर को बाकी बची 26 सीटों के लिए मतदान कराए जाएंगे। उन्होंने कहा कि मतों की गिनती 24 नवम्बर को होगी। कुरैशी ने बताया कि मतगणना में लगभग साढ़े पांच करोड़ मतदाता हिस्सा लेंगे और इनके लिए 56943 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। राज्य की 243 विधान सभा सीटों में से 38 सीटें अनुसूचित जाति के लिए तो दो सीटें अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हैं। सभी मतदान केंद्रों पर ईवीएम का इस्तेमाल किया जाएगा। कुरैशी ने बताया कि राज्य के लगभग 85 फीसदी मतदाताओं के पास फोटो पहचान पत्र हैं। जिन मतदाताओं के पास फोटो पहचान पत्र नहीं हैं, वे कोई अन्य आवासीय प्रमाण दिखा कर मताधिकार का इस्तेमाल कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार को स्पष्ट निर्देश दे दिया गया है कि बीते तीन सालों से एक ही थाने या जिले में जमे पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों को स्थानांतरण कर दिया जाय। कुरैशी ने सुरक्षा व्यवस्था के सवाल पर कहा कि केंद्रीय बलों के अलावा मतदान के दौरान दूसरे राज्यों की पुलिस की भी सहायता ली जाएगी और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि लोगों को मतदान के दौरान भय का अनुभव न हो। गौरतलब है कि विधान सभा चुनाव में मुख्य मुकाबला सत्तारूढ़ जद यू-भाजपा गठबंधन और राजद-लोजपा गठबंधन के बीच होने की संभावना है। इस बार के बिहार विधानसभा चुनावों में लालू प्रसाद यादव की पार्टी राष्ट्रीय जनता दल और रामविलास पासवान की पार्टी लोकजनशक्ति पार्टी मिलकर चुनाव लड़ रही है। राजद 168 और लोजपा 75 सीटें पर चुनाव लड़ेगी। राजद और लोजपा के गठबंधन ने बिहार में जद(यू) के लिए समीकरण बिगाड़ दिए हैं। बिहार में इस समय भाजपा समर्थित जनता दल यूनाइटेड की सरकार है। मौजूदा सरकार का कार्यकाल 27 नवंबर को खत्म हो रहा है। कांग्रेस यहां अपने दम पर चुनाव लड़ रही है। सत्तारूढ़ गठबंधन जहां राज्य में विकास तथा बेहतर कानून व्यवस्था को मुद्दा बनाने में जुटा है, वहीं विपक्षी राजद-लोजपा गठबंधन ने राज्य सरकार की कथित नाकामियों को भुनाने की रणनीति बनाई है। चुनाव के दौरान दो बड़े त्यौहार दीवाली और छठ भी पड़ेंगे।

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